भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़ में कुल 12 सीटें हैं। अभी भीलवाड़ा की 7 में से 5 सीटें भाजपा के पास हैं। 10 महीने पहले मांडलगढ़ विधानसभा में हुए उपचुनाव में कांग्रेस ने भाजपा की सीट छीनी थी। इस बार 8 बागी हैं। 4 सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबला है। ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आया कि यहां पार्टियां नहीं, जातियां चुनाव लड़ रही हैं। चित्तौड़गढ़ में कपासन-बेगूं में त्रिकोणीय मुकाबला है ताे बाकी 3 पर सीधी टक्कर है।
भीलवाड़ा-7 सीटें : 8 बागी भी उतरे
1.
1. भीलवाड़ा में कुल प्रत्याशी-17, दल-9, निर्दलीय- 8
भाजपा : विट्ठलशंकर अवस्थी (विधायक) कांग्रेस : अनिल डांगी (नया चेहरा) निर्दलीय : ओम नराणीवाल (कांग्रेस बागी)
भाजपा के विट्ठलशंकर को तीसरी बार मौका। कांग्रेस के डांगी पहली बार मैदान में। ओम नराणीवाल कांग्रेस के बागी हैं। तीनों प्रमुख प्रत्याशी ब्राह्मण, माहेश्वरी और जैन समाज से हैं। जातियां बंटेंगी।
2. सहाड़ा उम्मीदवार-10, दल-6, निर्दलीय -4
भाजपा : रूपलाल जाट (नया चेहरा) कांग्रेस : कैलाश त्रिवेदी (पूर्व विधायक)निर्दलीय : लादू लाल पितलिया (भाजपा बागी)
भाजपा ने प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रूपलाल जाट को उतारा है। कांग्रेस सेे पूर्व विधायक कैलाश त्रिवेदी हैं। लादू लाल पितलिया बागी हैं। यहां पर जाट और ब्राह्मण वोटों की बहुलता है।
3. शाहपुरा उम्मीदवार-11, दल-6, निर्दलीय -5
भाजपा : कैलाश मेघवाल (विधायक कांग्रेस : महावीर मोची (पूर्व विधायक निर्दलीय : राजकुमार बैरवा (कांग्रेस बागी) आप : गोपाल केसावत (कांग्रेस बागी)
भाजपा ने विधायक कैलाश मेघवाल को दोबारा मौका दिया। वे बागी अविनाश को बैठाने में सफल रहे, पर कांग्रेस केसावत और बैरवा को नहीं मना सकी।
सबसे हॉट सीट
2.
4. मांडल में 8 प्रत्याशी मैदान में, दल-3, निर्दलीय -5
भाजपा : कालूलाल गुर्जर (मौजूदा विधायक) कांग्रेस : रामलाल जाट (पूर्व मंत्री) निर्दलीय: प्रद्युम्न सिंह (कांग्रेस बागी), उदयलाल (भाजपा बागी)
भाजपा ने मौजूदा विधायक कालूलाल गुर्जर पर दोबारा दांव खेला है। वहीं, कांग्रेस से पूर्व मंत्री रामलाल जाट आसींद सीट छोड़कर फिर मांडल से चुनाव लड़ रहे हैं।
इनसे मुकाबला रोचक...
3.
विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष देवेंद्र सिंह के पौत्र एवं जिला परिषद सदस्य प्रद्युम्न सिंह कांग्रेस के बागी हैं। किसान मोर्चे के जिलाध्यक्ष उदयलाल भडाणा भाजपा के बागी हैं। बड़े बागियों से मुकाबला चतुष्कोणीय होने से यह जिले की सबसे हॉट सीट हो गई है। भाजपा के बागी जातिगत कारणों से चुनौती बन रहे हैं। वे भी गुर्जर हैं।
5. मांडलगढ़ प्रत्याशी-13, दल-5, निर्दलीय -8
भाजपा : गोपाल खंडेलवाल (नया चेहरा) कांग्रेस : विवेक धाकड़ (मौजूदा विधायक)
भाजपा ने नए चेहरे यूआईटी चेयरमैन गोपाल खंडेलवाल को रण में उतारा है। कांग्रेस ने मौजूदा विधायक विवेक धाकड़ पर विश्वास जताया है। कांग्रेस से बृजराज कृष्ण उपाध्याय बागी हैं। यहां ब्राह्मण और धाकड़ मतदाता सर्वाधिक।
6. आसींद उम्मीदवार-10, दल-9, निर्दलीय -1
भाजपा : जब्बर सिंह सांखला (नया चेहरा) कांग्रेस : मनीष मेवाड़ा (नया चेहरा) रालोपा : मनसुख गुर्जर (कांग्रेस बागी)
भाजपा के जब्बर व कांग्रेस के मनीष दोनों नए चेहरे। कांग्रेस से गए मनसुख गुर्जर बेनीवाल की राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी से चुनाव लड़ रहे हैं। यहां पर गुर्जर और एससी वोट निर्णायक हैं।
7. जहाजपुर प्रत्याशी-6, दल-4, निर्दलीय -2
भाजपा : गोपीचंद मीणा (नया चेहरा) कांग्रेस : धीरज गुर्जर (मौजूदा विधायक)
भाजपा ने नए चेहरे गोपीचंद मीणा पर दांव खेला। गोपीचंद एक महीने पहले तक सरकारी नौकरी में थे। पिछले चुनाव में मोदी लहर में कांग्रेस ने मेवाड़ में यही एक मात्र सीट जीती थी। इसलिए धीरज गुर्जर को फिर मौका। यहां कोई बागी नहीं है।
अजमेर-8 सीटें : 5 में सीधी भिड़ंत
4.
1. अजमेर उत्तर प्रत्याशी-12, दल-7, निर्दलीय -5
भाजपा : वासुदेव देवनानी (मौजूदा विधायक) कांग्रेस : महेंद्र सिंह रलावता
तीन बार विधायक और दो बार मंत्री रह चुके देवनानी का राजनीतिक कद रलावता से काफी बड़ा है। पर रलावता को लोकसभा उपचुनाव में कांग्रेस को क्षेत्र से मिली 7 हजार वोटों की बढ़त से सत्ता विरोधी लहर दिखाई दे रही है।
2. अजमेर दक्षिण प्रत्याशी-11, दल-10, निर्दलीय -1
भाजपा : अनिता भदेल (मौजूदा विधायक) कांग्रेस : हेमंत भाटी
2013 के चुनाव में अनिता भदेल ने हेमंत भाटी को 23 हजार वोटों से हराया था मगर लोकसभा उपचुनाव में भाजपा इसी क्षेत्र से 13 हजार वोटों से पिछड़ गई। इस बार दोनों प्रत्याशी फिर एकदूसरे के सामने हैं। मुकाबला रोचक होगा।
3. पुष्कर उम्मीदवार-11, दल-7, निर्दलीय -4
भाजपा : सुरेश सिंह रावत कांग्रेस : नसीम अख्तर इंसाफ निर्दलीय : हनुमान, नफीस
2013 के चुनाव में सुरेश रावत 41290 वोटों से जीते थे मगर 11 महीने पहले हुए लोकसभा उपचुनाव में भाजपा इस क्षेत्र में 9412 वोटों से पिछड़ गई थी। वहीं, नसीम को शहाबुद्दीन और पप्पू कुरैशी जैसे बागियों से खतरा है।
4. किशनगढ़ उम्मीदवार-16, दल-8, निर्दलीय -8
भाजपा : विकास चौधरी कांग्रेस : नंदाराम थाकण निर्दलीय : नाथूराम सिनोदिया (कांग्रेस बागी) और सुरेश टांक
अजमेर की सभी सीटों में किशनगढ़ का मुकाबला सर्वाधिक दिलचस्प दिखाई दे रहा है। यहां कांग्रेस और भाजपा दोनों के बागियों नाथूराम सिनोदिया व सुरेश टांक नें चुनाव को चतुष्कोणीय बना दिया है।
5.
5. केकड़ी प्रत्याशी-10, दल-6, निर्दलीय -4
भाजपा : राजेंद्र कुमार कांग्रेस : रघु शर्मा
जिले भर में कांग्रेस यदि कहीं सर्वाधिक आश्वस्त है तो यह केकड़ी है। लोकसभा उपचुनाव में रघु शर्मा ने भाजपा प्रत्याशी राम स्वरूप को 34790 मतों से हराया था। केकड़ी में ब्राह्मणों की संख्या वैश्यों के मुकाबले लगभग 15 हजार कम है। शर्मा के मुकाबले राजेन्द्र का कद कम।
6. मसूदा उम्मीदवार-9, दल-6, निर्दलीय -3
भाजपा : सुशील कंवर कांग्रेस : राकेश
कांग्रेस से बागी कय्यूम ने भाजपा की सुशील कंवर पलाड़ा व कांग्रेस के राकेश पारीख के बीच सीधे होने जा रहे मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है। लोकसभा उपचुनाव में भाजपा 6293 मतों से पिछड़ी थी।
7. ब्यावर उम्मीदवार-12, दल-7, निर्दलीय -5
भाजपा : शंकर रावत कांग्रेस : पारस पंच
कांग्रेस की ओर से सर्वथा नये प्रत्याशी पारस पंच (जैन) भाजपा के मौजूदा विधायक शंकर सिंह रावत को टक्कर दे रहे हैं। अकेले ब्यावर विधानसभा क्षेत्र में 80 हजार के लगभग रावत वोटर हैं मगर खुद रावतों के इलाके में शंकर सिंह को नाकों चने चबाने पड़ रहे हैं।
8. नसीराबाद प्रत्याशी-13, दल-5, निर्दलीय -8
भाजपा : रामस्वरूप लांबा कांग्रेस : रामनारायण गुर्जर
नसीराबाद में सीधा मुकाबला कांग्रेस के राम नारायण गुर्जर और लोकसभा उपचुनाव में रघु शर्मा से पराजित भाजपा के राम स्वरूप लाम्बा के बीच है। नसीराबाद क्षेत्र में जाट व गुर्जर दोनों ही जातियों के लोग करीब 30 से 35 हजार के बीच हैंै। यहां अब तक हुए चुनावों के नतीजों में भी अक्सर हार जीत का अंतर हजार-पांच सौ वोटों से ज्यादा का नहीं रहा है। इस बार फिर से मुकाबला राम नारायण गुर्जर और सांवरलाल जाट की राजनीतिक धरोहर के उत्तराधिकारी लाम्बा के बीच है। सत्ता विरोधी मानसिकता और उपचुनाव की हार का कुछ धुंआं अब भी यदि में शेष हुआ तो भाजपा को नुकसान हो सकता है।
चित्तौड़गढ़- 5 सीटें तीन सीटों पर भाजपा अौर कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर
6.
1. चित्तौड़गढ़ उम्मीदवार-8, दल-5, निर्दलीय -3
भाजपा : चंद्रभानसिंह आक्या (मौजूदा विधायक) कांग्रेस : सुरेंद्रसिंह जाड़ावत (पूर्व विधायक)
भाजपा से मौजूदा विधायक चंद्रभानसिंह आक्या और कांग्रेस से सुरेंद्रसिंह जाड़ावत मैदान में हैं। इन्होंने ही पिछला चुनाव लड़ा था। इस सीट पर कोई बागी नहीं है और सीधी टक्कर भाजपा-कांग्रेस में है। कुल 2.48 लाख मतदाताओं में से 87 हजार शहरी वोटर निर्णायक भूमिका में हैं।
2. निम्बाहेड़ा उम्मीदवार-13, दल-9, निर्दलीय -4
भाजपा : श्रीचंद कृपलानी (यूडीएच मंत्री) कांग्रेस : उदयलाल आंजना (पूर्व सासंद)
भाजपा से यूडीएच मंत्री श्रीचंद कृपलानी और कांग्रेस से पूर्व सांसद उदयलाल आंजना हैं। जिले के दो दिग्गज नेताओं के बीच करीबी मुकाबला है। गत बार भी जिले में सबसे कम अंतर की हार-जीत यहीं हुई। इस सीट पर सबसे बड़ा मुद्दा पिछले पांच साल में बढ़ा अपराध है।
3. बड़ीसादड़ी उम्मीदवार-11, दल-7, निर्दलीय -4
भाजपा : ललित ओस्तवाल (नया चेहरा)
कांग्रेस : प्रकाश चौधरी (पूर्व विधायक)
भाजपा ने मौजूदा विधायक गौतम दक का टिकट काटकर पूर्व प्रधान ललित ओस्तवाल को टिकट दिया है। कांग्रेस से पूर्व विधायक प्रकाश चौधरी हैं। यहां कांग्रेस के अनुभवी उम्मीदवार और सीटिंग एमएलए का टिकट कटने से उपज रही नाराजगी से निपटना चुनौती है।
4. बेगूं उम्मीदवार-8, दल-7, निर्दलीय -1
भाजपा : सुरेश धाकड़ (मौजूदा विधायक) कांग्रेस : राजेंद्रसिंह विधुड़ी (पूर्व विधायक)
भाजपा से मौजूदा विधायक सुरेश धाकड़ और कांग्रेस से पूर्व विधायक राजेंद्रसिंह विधुड़ी मैदान में हैं। यहां कांग्रेस से बागी गोपाल भील हैं। भील को आरएलपी ने भी समर्थन दिया है। यहां मुकाबला त्रिकोणीय है। सबसे ज्यादा वोटर गुर्जर-धाकड़ हैं। करीब 20 हजार भील वोटर हैं।
5. कपासन उम्मीदवार-10, दल-9, निर्दलीय -1
भाजपा : अर्जुनलाल जीनगर (विधायक) कांग्रेस : आनंदीराम खटीक (नया चेहरा)
भाजपा से विधायक अर्जुनलाल जीनगर को फिर टिकट मिला है। कांग्रेस ने आनंदीराम खटीक के तौर पर नया चेहरा उतारा है। शांतिलाल धोबी आरएलपी से उतरे हैं, जो कांग्रेस के बागी हैं। कांग्रेस ने पूर्व विधायक शंकरलाल बैरवा का टिकट काटा है। जाट वोट निर्णायक भूमिका में।