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पाकिस्तान से नहीं आएगी नीमच अब एक भी उपज





   


पाकिस्तान से नहीं आएगी नीमच अब एक भी उपज

सुबोध त्रिपाठी नीमच. पाकिस्तान से खारक, अजवाईन, तुलसीबीज, कलौंजी आदि उपज काफी मात्रा में आती थी। लेकिन जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुई आतंकवादी घटना से हर व्यक्ति में आक्रोश है। इसी के चलते नीमच के व्यापारियों ने भी पाकिस्तान के साथ व्यापारिक रिश्तें तोड़ दिए हैं। अब पाकिस्तान से कोई भी उपज नीमच नहीं आएगी, चाहे व्यापारियों को घाटा ही क्यों न उठाया, या उन्हें कम मार्जिन पर व्यापार करने पड़े। 
बतादें की अब तक कुछ उपजें नीमच ही नहीं बल्कि देशभर में पाकिस्तान से आयात होती थी। जिसका मुख्य कारण कुछ उपज सस्ती मिलना तो कुछ की पैदवार वहां अधिक होना है। इस कारण खराक और अजवाईन काफी मात्रा में आती थी। सालों से देश में पाकिस्तान से यह वस्तुएं आ रही है। लेकिन जब पाकिस्तान अपनी हरकत से बाज नहीं आ रहा है तो व्यापारियों ने भी पाकिस्तान के साथ व्यापार करने से अपने हाथ खड़े कर दिए हैं। 
हर तीन माह में आती थी 80 कंंटेनर अजवाईन
पाकिस्तान से आने वाली अजवाईन वजन मेंं हल्की होने के साथ ही काफी कम दाम में आती थी। वह अजवाईन 60 से 80 रुपए किलो तक पड़ती थी, जबकि यहां की अजवाईन 90 रुपए किलो से ऊपर में नीलाम होती है। इस कारण हर तीन माह में पाकिस्तान से करीब 70 से 80 कंटेनर अजवाईन आती थी। जो एक एक कंटेनर में करीब 20 से 26 टन तक आ जाती है। इस प्रकार करीब डेढ़ से दो हजार टन अजवाईन नीमच में आती थी। लेकिन अब अजवाईन के व्यापारियों ने पाकिस्तान से अजवाईन लेने से साफ मना कर दिया है। 
आयात शुल्क 200 प्रतिशत होने से थम गया आयात
पहले आयात शुल्क 100 प्रतिशत था, ऐसे में काफी मात्रा में विभिन्न उपजों सहित अन्य सामग्रियों का धड्ल्ले से आयात किया जाता रहा है। लेकिन पुलवामा में हुए आत्मघाती हमले के बाद सरकार ने ऐसा फंडा अपनाया है कि कोई चाह कर भी पाकिस्तान से व्यापार नहीं कर पाएगा, क्योंकि आयात शुल्क सीधे 200 प्रतिशत कर दिया है। यानि कोई चीज 100 रुपए की है तो200 रुपए आयात शुल्क लगने के बाद वह 300 रुपए की हो जाएगी। ऐसे में निश्चित ही कोई भी इतनी मंहगी वस्तु नहीं मंगवाएगा। 
चार दिन में दोगुने हुए खारक के दाम
जो खारक चंद दिनों पहले थोक में 60 रुपए किलो में आती थी, वही खारक आयात शुल्क बढऩे के कारण सीधे 110 से 120 रुपए किलो हो गई है। ऐसे में अब कोई भी पाकिस्तान से खारक नहीं मंगवा रहा है। जानकारों की माने तो जिले में हर माह औसत 5 से 6 टन खारक की खपत होती है। वर्तमान में व्यापारियों की खारक मंगाने में रूचि नहीं है। वहीं दूसरी और जिनके पास पहले से आई हुई स्टॉक में है वे फुटकर में 120 से 140 रुपए किलो बेच रहे हैं। 
आयात शुल्क 100 प्रतिशत से बढ़कर सीधे 200 प्रतिशत होने के कारण खारक, जड़ी, बूटी आदि के दामों में तेजी आई है। जो खारक पहले 60 रुपए किलो आती थी वही अब 110 से 120 रुपए किलो हो गई है। 
-राजेश पंजाबी, पंजाब फ्रेश, ड्राय फ्रूट विक्रेता
नीमच में पाकिस्तान से अजवाईन सहित अन्य कुछ उपज आती थी, लेकिन अब पाकिस्तान के साथ किसी भी प्रकार के सौदे नहीं कर रहे हैं। साथ ही यह भी निर्णय लिया है कि भविष्य में पाकिस्तान से कभी भी अजवाईन नहीं मंगवाएंगे। 
-संतोष शर्मा, एसके इंटरप्राइजेस, मंडी व्यापारी
पाकिस्तान से अजवाईन और तुलसीबीज का आयात होता था, वहीं कलौंजी ओर धनिया का निर्यात होता था। वर्तमान में आयात, निर्यात पूर्ण रूप से बंद है। 
-दीपक मोहता, राजदीप ट्रेडिंग कंपनी
पाकिस्तान से तुलसीबीज, अजवाईन, कलौंजी आती थी, चूकि सरकार द्वारा भी 200 प्रतिशत आयात शुल्क लगा दिया है। ऐसे में सरकार की नीति के तहत ही संभव नहीं है कि माल मंगाया जा सके, वहीं दूसरी ओर व्यापारियों में भी विरोध है अब किसी भी व्यापारी की पाकिस्तान से माल मंगाने में रूचि नहीं है। 
-राजेंद्र खंडेलवाल, सचिव, मंडी व्यापारी संघ