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FROUD बैंक कर्मचारी दस्तावेज देने में कर रहे है आनाकानी।

Kanera News


नीमच शहर के मेसर्स एमएस सालवेक्स कंपनी के संचालक के कर्मचारी के नाम से खलचूरी खरीद फर्म खोलकर उसकी आड़ में विदेशो में सोयाबीन डीओसी की सप्लाई कर करोड़ो की टैक्स चोरी के मामले में पुलिस की जांच कछुआ चाल की तरह आगे बढ़ रही है। पुलिस पीडि़त से ही बैंक से दस्तावेज लाने का दबाव बना रह है, जबकि अब बैंक उसे दस्तावेज देने में आनाकानी कर रहे है। लेकिन पीडि़त के पास मौजूद दस्तावेज बैंकों की बड़ी घालमेल को उजागर कर रह है। अब देखना है कि पूरे मामले में पुलिस की जांच कैसे रहती है और किस प्रकार पीडि़त का न्याय मिल पाता है। बिना आईईसी कोड के कैसे ट्रांजेशन बैंक द्वारा हुआ है। यह धोखाधड़ी के खेल में जांच का बड़ा विषय है

 


धोखाधड़ी का शिकार पीडि़त कर्मचारी विकास नगर निवासी प्रकाश पिता बखतराय वर्धानी ने बताया कि टैक्स चोरी के फर्जीवाड़े में बैंकों की भी बड़ी भूमिका है। उसके पास जो स्टेंटमेंट है, उससे साफ पता चलता है कि उसके खाते में विदेश से ट्रांजेशन हुआ है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब उसने उसकी फर्म के नाम से आईईसी कोड लिया ही नहीं है तो फिर उसके फर्म के खाते में विदेशों से करोड़ों का ट्रांजेशन कैसे हुआ है। बैंक ने किस आधार पर आईईसी कोड जारी किया। जबकि इम्पोर्ट और एक्सपोर्ट विभाग का कहना है कि उनके प्रकाश इंटरप्राईजेज के प्रापराइटर प्रकाश वर्धानी के आधार कार्ड के नंबर से आईईसी कोड जारी नहीं हुआ है। मामला सिविल अपराध की प्रकृति का का तकनीकी रूप से आईटी सेल का होने के चलते मामले की जांच में पुलिस जांच अधिकारी देवेंद्र सेंगर भी चकरी हो रहें हंै। जबकि इस प्रकार के मामला को हैंडल करने में सायबर एक्सपर्ट और तकनीकी संगत अधिकारी की काफी जरूरत है। वहीं एमएस सालवेक्स के डायरेक्टर नवीन अग्रवाल, संजय चौपड़ा, अंकित अग्रवाल और मनीष चौपड़ा का कहना है कि उन्होंने अपनी फर्म का टैक्स जमा करा दिया है। वह प्रकाश इंटरप्राईजेज का टैक्स क्यों जमा कराएंगे। फर्म प्रकाश वर्धानी के नाम पर ही है। उसने किस-किस से व्यापार किया है। इसकी जानकारी उसे ही है। वहीं अभी तक की जांच में सेलटैक्स विभाग ने रिकवरी प्रकाश इंटरप्राईजेज पर निकाली है। उसके प्रापराइटर प्रकाश वर्धानी का कहना है कि वह सालवेक्स कंपनी के मालिक का कर्मचारी था, यह करोड़ों की टैक्स चोरी कहां से भरेगा, वह स्वयं किराए के मकान में रहता है।

 


धोखेबाजों का यह होता है खेल 
व्यापारी एक्सपर्ट की जानकारी के अनुसार मंडी व्यापारियों का पूरा खेल टेक्स चोरी का है। मंडी से सोयाबीन खरीदते समय 2.20 प्रतिशत प्रति सैकड़ा का टैक्स अदा करना होता है। उसके बाद मंडी से माल गोदाम तक परिवहन करने पर ५ प्रतिशत का टैक्स अदा करना होता है। सोयाबीन से तेल बनाकर बेचने पर ५ प्रतिशत का टैक्स अदा करना होता है। वहीं सोयाबीन का तेल निकलने के बाद स्लेरी अर्थात डीओसी पर एक प्रतिशत का टेक्स लगता है। इस प्रकार पूरे व्यापार में कुल मिलाकर 13.20 प्रतिशत टैक्स अदा करना होता है। व्यापारी परिवहन और डीओसी पर टैक्स बचाने के लिए काफी जुगत करता है। वह कई प्रकार की बिल कंपनी से टाइप कर भी अपना टैक्स बचाने का प्रयास करता है।

 


यह है मामला
वह वर्ष 2013 से फर्म राधाकृष्ण एग्रो में नवीन अग्रवाल के पास काम करता था। वह मंडी में माल तुलवाने और मंडी से सोयाबीन खरीददारी का काम करता था। वर्ष 2014 में मेसर्स एमएस सालवेक्स के प्रोपरायटर संजय चौपड़ा और मनीष चौपड़ा तथा डायरेक्टर्स नवीन अग्रवाल और अंकितअग्रवाल ने खल व कपास के लिए नई फर्म खोलने हेतु प्रार्थी को विश्वास में लिया व उसके नाम से मेसर्स प्रकाश इंटरप्राईजेस के नाम से नई फर्म खुलवाई थी। जिसकी सेलरी डालने की बात कहकर उसका एक्सिस बैंक में एकाउंट खुलवाया। उसके बाद कहा कि यहां पर पैमेंट में दिक्कत आती है। ऐसा कहकर आईडीबीआई बैंक में खाता खुलवा दिया। उसके एक माह बाद एचडीएफसी बैंक में खाता खुलवाया। जिसमें करोड़ों का लेनदेन किया है। जिसकी जानकारी बैंक ने कभी नहीं दी और अंत में हद तो तब हो गई कि विदेशों से भी उसके खाते में रुपए आए और आईईसी कोड के लिए तो उसने कभी एप्लाई ही नहीं किया था। यह सब बैंकों के फर्जीवाड़े के कारण हुआ है। दिनांक 7 मार्च 2017 को आयुक्त वाणिज्यक भोपाल जांच अधिकारी प्रार्थी की फर्म सेल टैक्स आदि जांच हेतु आए तब पहली बार प्रार्थी को यह ज्ञात हुआ कि आरोपी मालिकों ने प्रार्थी के नाम से फर्म खुलवाकर टैक्स बचाने के लिए करोड़ों रुपयों का लेनदेन उसके नाम से कर लिया है। जिसकी करोड़ों की पेनल्टी बनती है और करोड़ों का कर चुकाना बाकी है। जिस पर प्रार्थी ने अधिकारियों को अपने दिए गए स्टेटमेंट में सारी सच्चाई से अवगत कराया, जिसकी जांच जारी है।

 


फरियादी को नोटिस देकर दस्तावेज मांगे है
मामला वर्ष 2017 का है, सेलटेक्स विभाग ने कार्रवाई की थी। अब सालवेेक्स और प्रकाश इंटरप्राईजज के बीच क्या घालमेल है। इसकी जांच की जा रही है। फरियादी की शिकायत और आरोप के अनुरूप उससे दस्तावेजों की मांग की गई है। 
- अजय सारवान, थाना प्रभारी नीमच केंट।