विधानसभा चुनावों से पहले श्री राजपूत करणी सेना ने विश्वप्रसिद्ध जौहर स्थली चित्तौड़गढ़ में 'जौहर स्वाभिमान सम्मेलन' आयोजित कर आरक्षण और एससी- एसटी एक्ट में बदलाव की मांग की है.

विधानसभा चुनावों से पहले श्री राजपूत करणी सेना ने विश्वप्रसिद्ध जौहर स्थली चित्तौड़गढ़ में 'जौहर स्वाभिमान सम्मेलन' आयोजित कर आरक्षण और एससी- एसटी एक्ट में बदलाव की मांग की है. सेना के पदाधिकारियों ने मंच से स्पष्ट किया कि सेना की मंशा चुनाव लड़ना कतई नहीं है, लेकिन चुनाव लड़ने वालों को समझाना जरूरी है. सेना के संस्थापक एवं संरक्षक लोकेन्द्र सिंह कालवी ने कहा कि स्वाभिमान की लड़ाई के लिये तैयार रहना होगा. ये पूरा सम्मेलन बारिश के बीच हुआ.श्री राजपूत करणी सेना के 12 वें स्थापना दिवस पर रविवार को चित्तौड़गढ़ के इंदिरा गांधी स्टेडियम में आयोजित हुए इस सम्मेलन में राजस्थान समेत मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और गुजरात व अन्य प्रदेशों से भी राजपूत समाज के लोग पहुंचे थे. फिल्म पद्मावत, आरक्षण और एससी-एसटी एक्ट के मुद्दों की समीक्षा को लेकर आयोजित हुए इस सम्मेलन में सेना ने अपना शक्ति प्रदर्शन किया. बारिश के बीच हुए इस सम्मेलन में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी भागीदारी निभाई. मंच पर क्षत्राणियों ने शस्त्र प्रदर्शन करते हुए आंदोलन की हुंकार भरी.
सेना एससी-एसटी के खिलाफ नहीं
सम्मेलन को संबोधित करते हुए लोकेन्द्र सिंह कालवी ने कहा कि करणी सेना एससी-एसटी के खिलाफ नहीं है, लेकिन सामाजिक समरसता को जो तानाबाना बिखेरा जा रहा है उसके खिलाफ हैं. कालवी ने चेताया कि जो हमारी बात नहीं करेगा वो राजस्थान पर राज नहीं करेगा. सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह ने कहा कि जो पार्टी आरक्षण की समीक्षा करेगी सेना उसका साथ देगी. सम्मेलन में 20 राज्यों के 650 संगठनों के प्रतिनिधियों के शामिल होने का दावा किया जा रहा है.