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निंबाहेड़ा छोटीसादड़ी विधानसभा क्षेत्र से आमने-सामने होंगे श्रीचंद कृपलानी और उदयलाल आंजना !

निंबाहेड़ा / राजस्थान की राजनीति में मेवाड़ से सत्ता का रास्ता जयपुर की ओर जाता है ! उसी मेवाड़ की एक महत्वपूर्ण सीट निंबाहेड़ा -छोटीसादड़ी विधानसभा क्षेत्र से इस बार पुनः भारतीय जनता पार्टी से उम्मीदवार के रूप में प्रदेश के स्वायत्त शासन मंत्री श्रीचंद कृपलानी का मुकाबला कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष उदयलाल आंजना से होगा !
निंबाहेड़ा छोटीसादड़ी विधानसभा क्षेत्र का इतिहास रहा है कि इस सीट पर जब से उदयलाल आंजना और श्रीचंद कृपलानी ने आमने-सामने चुनाव लड़ा है उसके बाद से आज तक दोनों पार्टियों के प्रत्याशियों के अलावा तीसरा कोई भी प्रत्याशी अपनी जमानत नहीं बचा पाया और दोनों ही पार्टियों के नेता ही हमेशा चुनाव में हारते और जीतते रहे हैं ! निंबाहेड़ा -छोटीसादड़ी का इतिहास अपने आप में एक अलग ही इतिहास है ! क्षेत्र के निंबाहेड़ा क्षेत्र को सीमेंट हब के नाम से पहचाना जाता है तो वहीं निंबाहेड़ा छोटीसादड़ी क्षेत्र में किसानी मतदाताओं के रूप में अफीम काश्तकार चुनाव में निर्णायक साबित होते हैं ! क्षेत्र की लगभग 60% आबादी ग्रामीण क्षेत्र में बसती है वहीं 40% आबादी शहरी क्षेत्र में बसती है ! निंबाहेड़ा छोटीसादड़ी क्षेत्र में वर्तमान में 254325 मतदाता है जिनमें 127454 पुरुष मतदाता तथा 126871 महिला मतदाता है ! क्षेत्र में 18 से 19 वर्ष की आयु के 10592 मतदाता पहली बार अपने मत का प्रयोग करेंगे ! क्षेत्र में 20 से 29 वर्ष तक की आयु के 65174 मतदाता, 30 से 39 वर्ष तक की आयु के 56190 मतदाता, 40 से 49 वर्ष तक की आयु के 44178 मतदाता, 50 से 59 वर्ष की आयु के 36973 मतदाता ,60 से 69 वर्ष की आयु के 23558 मतदाता  70 से 79 वर्ष की आयु के 12290 मतदाता एवं 80 वर्ष से ऊपर के आयु के 5370 मतदाता है ! गत विधानसभा चुनाव की तुलना में इस बार महिला मतदाताओं की संख्या में भी वृद्धि हुई है ! अभी निंबाहेड़ा छोटीसादड़ी विधानसभा क्षेत्र में लगभग 1500 मतदाताओं के नाम और बढ़ने की संभावना है ! क्योंकि मतदाताओं के नाम जोड़ने की अंतिम तिथि 19 नवंबर है और निर्वाचन विभाग के सूत्रों के अनुसार लगभग 1500 नए मतदाताओं के नाम 19 नवंबर तक जुड़ सकते हैं !
वर्ष 2013 में हुए विधानसभा चुनाव में इस क्षेत्र में 228097 मतदाता थे और उस वक्त के 265 पोलिंग बूथों में से 139 बूथों पर भारतीय जनता पार्टी ने जीत दर्ज की थी ! वहीं कांग्रेस ने 120 बूथों पर जीत दर्ज की थी ! निर्दलीय प्रत्याशी मक्खनलाल मीणा ने 2013 के चुनाव में 6 बूथों पर जीत दर्ज की थी ! वर्ष 2013 में 265 बूथों मे से 38 बूथ ऐसे थे जिनमें 7 वोट से लेकर 38 वोट तक की हार जीत हुई थी ! उनमें भी 7 बूथ ऐसे थे जो 10 वोटों के अंदर की हार-जीत के थे तथा 6 बूथों पर 20 वोटों के अंदर हार-जीत हुई थी ! इसी तरह 12 बूथों पर 30 वोटों के अंदर हार-जीत हुई थी !
वर्ष 2000 13 के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी श्रीचंद कृपलानी ने पिछली बार की कांग्रेस सरकार की एंटी इनकंबेंसी, मोदी लहर ,सरकारी कर्मचारियों में सरकार के प्रति नाराजगी के साथ साथ व्यापारी वर्ग एवं मुस्लिम समाज का भी बड़ा समर्थन प्राप्त करने के बाद भी मात्र 3500 के लगभग वोटों से विजय प्राप्त की थी ! 2013 का विधानसभा चुनाव जीतने के पश्चात भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद भी क्षेत्र के दिग्गज माने जाने वाले भाजपा नेता श्री चंद कृपलानी को शुरुआत के 3 वर्षों में मंत्री नहीं बनाने की पीड़ा उनके कई बयानों में साफ झलकी और उन्होंने निंबाहेड़ा और छोटी सादड़ी की कई आम सभाओं में भविष्य में विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा तक कर डाली थी ! लेकिन 2 वर्ष पूर्व प्रदेश की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे द्वारा उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाकर प्रदेश के महत्वपूर्ण विभाग स्वायत शासन विभाग की जिम्मेदारी सौंपकर उस पीड़ा और नाराजगी को काफी हद तक दूर करने में सफलता प्राप्त की ! कृपलानी ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के इस विश्वास को 2 वर्ष में इमानदारी से पूर्ण करते हुए क्षेत्र ही नहीं राजस्थान के विकास के में कोई कसर नहीं छोड़ी ! कृपलानी इस बार का चुनाव शुद्ध रूप से *विकास ही जीत का विश्वास है* के मंत्र पर लड़ना चाहते हैं और उनके भाषणों में यह बात साफ झलकती भी है ! वहीं दूसरी ओर उनके चित परिचित प्रतिद्वंदी और कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष उदयलाल आंजना क्षेत्र की बिगड़ती कानून-व्यवस्था, अपराधियों के बुलंद हौसले ,चेन स्नेचिंग, गोलीबारी ,सट्टा, अफीम काश्तकारों से डोडा चूरा नष्टीकरण एवं नए पट्टे के नाम पर अवैध वसूली, हिंदू-मुस्लिम में बढ़ते वैमनस्य ,भाजपा समर्थित जनप्रतिनिधियों के विकास में भ्रष्टाचार ,नगरपालिका- पंचायत समिति में भ्रष्टाचार के मुद्दों को जनता के बीच ले जाकर चुनाव जीतना चाहते हैं और यह सारे आरोप आंजना पिछले डेढ़ वर्षो से सार्वजनिक रूप से लगाते आ रहे हैं !
विधानसभा चुनाव 2018 के वर्तमान समीकरणों में दोनों ही पार्टियों की हार जीत मे निंबाहेड़ा शहर के 48 से 50 हजार मतदाता अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगे ! निंबाहेड़ा शहर में लगभग 15700 मुस्लिम मतदाता, लगभग 8000 मतदाता एससी एसटी के तथा लगभग 15000 मतदाता तेली, कुमावत, ब्राह्मण, माहेश्वरी, जैन समाज के मिलाकर है ! इसी तरह राजपूत, सोनी ,प्रजापत ,कायस्थ ,मराठा, कलाल, गुर्जर ,गायरी ,अहीर, सिंधी ,घावरी आदि समाज के 11500 के लगभग मतदाता हैं ! वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में निंबाहेड़ा शहर के मतदाताओं ने भारतीय जनता पार्टी को अपना समर्थन दिया था लेकिन इस बार ऐसी परिस्थिति फिलहाल दिखाई नहीं दे रही है आम जनता में शहर की बिगड़ी हुई कानून-व्यवस्था व्यवस्था एवं भाजपा के दूसरी श्रेणी के नेताओं के क्रियाकलापों का खामियाजा भाजपा प्रत्याशी श्रीचंद कृपलानी को भुगतना पड़ सकता है ! साथ ही भाजपा प्रत्याशी को 2013 के विधानसभा चुनाव में मिले मुस्लिम समुदाय के समर्थन जैसा समर्थन इस बार नहीं मिलता दिख रहा है ! भाजपा प्रत्याशी श्रीचंद कृपलानी अपने मंत्री कार्यकाल में विभिन्न समाजों को रियायती दर पर दिए गए भूखंडों एवं विभिन्न निर्माण कार्यों में शहरी जन सहभागिता योजना के तहत कराए जाने वाले कार्यों के आधार पर अपने पक्ष में माहौल बनाने के लिए समाज वाइज मीटिंग का भी सहारा ले रहे हैं और उनसे समर्थन की मांग कर रहे हैं ! वहीं कांग्रेस प्रत्याशी उदयलाल आंजना को इस बार निंबाड़ा क्षेत्र से कानून-व्यवस्था से परेशान आम जनता के समर्थन ,शहर में हिंदू-मुस्लिम के भाई चारे में वैमनस्यता के चलते दोनों ही समाजों के वोट मिलने का पूरा भरोसा है ! वही आंजना और उनके समर्थकों  को नगर पालिका एवं पंचायत समिति मैं विकास के नाम पर हुए भ्रष्टाचार का भी फायदा मिलने की पूरी उम्मीद है ! राजनीति क्षेत्र के यह दोनों प्रतिद्वंदी श्रीचंद कृपलानी और उदयलाल आंजना एक दूसरे की कमजोरियों और राजनीतिक क्षेत्र में चुनाव लड़ने के दाव पेचओं से बहुत अच्छे से वाकिफ हैं और ऐन वक्त पर दोनों ही नेता कौन सा दांव चलते है एक दूसरे पर कहा नहीं जा सकता है और इन्हीं दांवपेचो का परिणाम है कि कई बार दोनों नेता ओवरकॉन्फिडेंस में चुनाव हारे हैं और कई बार दोनों ने जमीनी धरातल पर रहकर चुनाव जीता है ! इस बार का चुनाव भी कुछ इसी तरह दिखाई दे रहा है दोनों ही नेताओं ने अभी तक खुल कर अपने पत्ते नहीं खोले हैं और अंदर ही अंदर अपनी रणनीति को अंजाम देने में लगे हुए हैं !
हमारे द्वारा निंबाहेड़ा -छोटीसादड़ी विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं का रुख भापने का प्रयास किया गया तो एक चीज जो सबसे चौंकाने वाली सामने आई वहीं है कि मतदाता किसी के भी पक्ष में बोलने को तैयार नहीं है ! लेकिन मतदाताओं की पीड़ा उनकी बातचीत से झलकती जरूर दिखाई देती है ! मतदाता जहां छोटे-छोटे कार्यों के लिए जनप्रतिनिधियों द्वारा की गई उपेक्षा से नाराज दिखाई दिए लेकिन उनकी नाराजगी दोनों बड़े नेताओं से नजर नहीं आई ! लेकिन मतदाताओं में भारतीय जनता पार्टी की बी टीम को लेकर अच्छी खासी नाराजगी देखने में आई है और इसका खामियाजा विधानसभा सीट पर कृपलानी को भुगतना पड़ सकता है !
*मोटे तौर पर जो चीज सामने निकलकर आई है उसमें वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में जिन 139 बूथों पर भारतीय जनता पार्टी ने विजय प्राप्त करी थी उन 139 बूथों में से लगभग 35 से 40 बूथों पर कांग्रेस सेंध लगाने में कामयाब रही है ! वहीं जिन 120 बूथों पर कांग्रेस 2013 में विजय रही थी उनमें से 15 से 20 बूथों पर भारतीय जनता पार्टी सेंध लगाने में कामयाब रही है ! इसी तरह क्षेत्र के महत्वपूर्ण एवं निर्णायक माने जाने वाले कनेरा घाटा क्षेत्र मे कांग्रेस भारतीय जनता पार्टी की बढ़त कम करती दिखाई दे रही है ! इसी तरह छोटीसादड़ी क्षेत्र में कांग्रेस अपने खोए हुए जनाधार को मजबूत करने में पूरी तरह से जुटी हुई है और उस जनाधार को मजबूत करने में कुछ हद तक सफल भी हुई है !
बहरहाल फिलहाल विधानसभा चुनाव 2018 को लेकर कर हमारा अपना सर्वे और पूर्वानुमान लगातार जारी है और समय-समय पर निष्पक्ष रुप से आपके समक्ष रखने का प्रयास हमारे द्वारा किया जाएगा ! अभी यह कहना कि इस चुनाव में कौन आगे है और कौन पीछे जल्दबाजी होगी क्योंकि मतदान होने में अभी लगभग 18 दिन शेष है और इन 18 दिनों में कौन सी पार्टी कितना जोर लगा कर मतदाता को अपने पक्ष में करने में सफल होती है उसी पर विधानसभा चुनाव का परिणाम निर्भर करेगा !