
जानकारी के मुताबिक कई राज्यों में किसानों के फर्जी तरीकों से योजना का लाभ लेने की खबरे सामने आईं थी जिसके बाद सरकार ने ऐसे किसानों से रिकवरी करना शुरू कर दिया था जो इस योजना के पात्र नहीं थे. अभी तक ऐसे मामलों में सबसे ज्यादा केस महाराष्ट्र, एमपी और यूपी से सामने आए हैं. माना जा रहा है कि रिकवरी के डर से कई राज्यों में फ्रजी एंट्री करने वाले किसानों ने अपने नाम हटा लिए हैं जबिक लाखों किसानों को उनके गलत डेटा के कारण पोर्टल से हटा दिया गया है.
कई किसानों को अभी तक पीएम किसान सम्मान निधि की सातवीं किस्त का पैसा नहीं पहुंचा है हो सकता है कि आप भी ऐसे लोगों की लिस्ट में शुमार हों कि जिन्हें पोर्टल से रिमूव किया गया हो. पोर्टल से हटानें का एक कारण गलत जानकारी और डेटा का अपडेट न होना भी है इसलिए अगर आप योजना के नियमों के अनुसार पात्रता रखते हैं तो एक बार अपने डेटा को जरूर चेक करें.
बता दें कि हाल में यह पाया गया कि लाखों ऐसे किसानों ने इसका फायदा उठाया है जो इनकम टैक्स भरते हैं जबकि पीएम किसान सम्मान निधि में यह नियम है कि योजना का लाभ उन्हीं किसानों को मिलेगा जिनके पास अपनी जमीन हो लेकिन वे टैक्स पेयी न हों।