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पीएम किसान पोर्टल से हटाए गए 2 करोड़ से अधिक किसान

मोदी सरकार ने किसानों के खातों में पीएम किसान योजना की सातवीं किस्त भेजना शुरू कर दिया है लेकिन केंद्र सरकार ने अब फ्रजी तरीकों से योजना का लाभ उठाने वालों पर नकेल कसना भी शुरू कर दिया है. मोदी सरकार किसानों को हर साल 6 हजार रुपये की आर्थिक मदद देती है. सरकार की तरफ से किसानों को हर चार महीने में 2000 रुपये किस्त के माध्यम से भेजा जाता है. सातवीं किस्त 1 दिसंबर 2020 से आनी शूरू हो गई है लेकिन इस बार योजना का लाभ लेने वाले किसानों की संख्या पहले से काफी कम हो गई है. इस समय पीएम किसान पोर्टल में योजना का लाभ लेने वाले किसानों की संख्या 9 करोड़ 97 लाख के आसपास रह गई है जबकि कुछ दिन पहले तक यह संख्या 11 करोड़ के करीब थी.

जानकारी के मुताबिक कई राज्यों में किसानों के फर्जी तरीकों से योजना का लाभ लेने की खबरे सामने आईं थी जिसके बाद सरकार ने ऐसे किसानों से रिकवरी करना शुरू कर दिया था जो इस योजना के पात्र नहीं थे. अभी तक ऐसे मामलों में सबसे ज्यादा केस महाराष्ट्र, एमपी और यूपी से सामने आए हैं. माना जा रहा है कि रिकवरी के डर से कई राज्यों में फ्रजी एंट्री करने वाले किसानों ने अपने नाम हटा लिए हैं जबिक लाखों किसानों को उनके गलत डेटा के कारण पोर्टल से हटा दिया गया है.

कई किसानों को अभी तक पीएम किसान सम्मान निधि की सातवीं किस्त का पैसा नहीं पहुंचा है हो सकता है कि आप भी ऐसे लोगों की लिस्ट में शुमार हों कि जिन्हें पोर्टल से रिमूव किया गया हो. पोर्टल से हटानें का एक कारण गलत जानकारी और डेटा का अपडेट न होना भी है इसलिए अगर आप योजना के नियमों के अनुसार पात्रता रखते हैं तो एक बार अपने डेटा को जरूर चेक करें. 

बता दें कि हाल में यह पाया गया कि लाखों ऐसे किसानों ने इसका फायदा उठाया है जो इनकम टैक्स भरते हैं जबकि पीएम किसान सम्मान निधि में यह नियम है कि योजना का लाभ उन्हीं किसानों को मिलेगा जिनके पास अपनी जमीन हो लेकिन वे टैक्स पेयी न हों।